
पटना: पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय को बिहार सरकार की ओर से बड़ी सौगात मिली है। राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय के नए और आधुनिक परिसर के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 में खर्च की जाएगी। विश्वविद्यालय का नया कैंपस पटना जिले के बख्तियारपुर में चिन्हित जमीन पर विकसित किया जाएगा।
- सरकार के इस फैसले को बिहार में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। लंबे समय से विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस की मांग उठ रही थी। अब नई राशि मंजूर होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है।
उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
- उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, स्वीकृत 40 करोड़ रुपये में से 30 करोड़ रुपये विश्वविद्यालय विकास मद से दिए जाएंगे। वहीं 10 करोड़ रुपये अनुसूचित जाति विशेष घटक योजना मद से खर्च किए जाएंगे।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राशि केवल नए कैंपस के निर्माण और उससे जुड़े विकास कार्यों पर ही खर्च की जाएगी। किसी अन्य मद में इसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
219 करोड़ रुपये की है पूरी परियोजना
- बख्तियारपुर में बनने वाले पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के नए परिसर की कुल परियोजना लागत 219.21 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। सरकार पहले भी इस प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग चरणों में राशि जारी कर चुकी है।
अब तक जारी राशि का विवरण इस प्रकार है:
- वर्ष 2023-24 में 2.48 करोड़ रुपये
- जुलाई 2024 में 25 करोड़ रुपये
- मई 2025 में 25 करोड़ रुपये
- अब 2026-27 के लिए 40 करोड़ रुपये की नई मंजूरी
नई राशि मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि कैंपस निर्माण का कार्य अब और तेजी से आगे बढ़ेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया परिसर
- सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नया कैंपस पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लाइब्रेरी, प्रशासनिक भवन, सेमिनार हॉल, डिजिटल सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक संसाधन विकसित किए जाएंगे।
- इसके अलावा शोध और अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
निर्माण कार्य की जिम्मेदारी निगम को
- इस पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से कराया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने निर्माण की गुणवत्ता और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
- सरकार ने कहा है कि खर्च की गई राशि का पूरा हिसाब और उपयोगिता प्रमाण पत्र उच्च शिक्षा निदेशक को उपलब्ध कराना होगा। इसके बाद संबंधित रिपोर्ट महालेखाकार कार्यालय को भेजी जाएगी।
कुलपति ने जताई खुशी
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर उपेंद्र प्रसाद सिंह ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि नए परिसर के निर्माण से विश्वविद्यालय में पढ़ाई, शोध और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का बड़ा विस्तार होगा।
उन्होंने कहा कि छात्रों को बेहतर माहौल और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और पहचान दोनों मजबूत होंगी।
छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ
नए कैंपस के निर्माण के बाद हजारों छात्रों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। बेहतर आधारभूत संरचना के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय बिहार के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में और मजबूत पहचान बना सकेगा।
