
सासाराम: बिहार में अवैध बालू कारोबार और बालू माफियाओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला रोहतास जिले के सासाराम से सामने आया है, जहां नो एंट्री में घुस रहे बालू लदे ट्रैक्टर को रोकना ट्रैफिक पुलिस के एक जवान को भारी पड़ गया। ट्रैक्टर चालक ने वाहन रोकने के बजाय जवान को ही कुचल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
- यह पूरी घटना नगर थाना क्षेत्र के एसपी जैन कॉलेज मोड़ के पास हुई, जहां ट्रैफिक पुलिस की टीम नो एंट्री में वाहनों की जांच कर रही थी।
ट्रैक्टर रोकने की कोशिश में हुआ हादसा
- जानकारी के मुताबिक ट्रैफिक पुलिस के जवान वाहनों की नियमित जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक बालू लदा ट्रैक्टर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सिपाही मुकेश कुमार ने जब ट्रैक्टर को रोकने का इशारा किया, तो चालक ने वाहन नहीं रोका।
- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक ने तेज रफ्तार में ट्रैक्टर आगे बढ़ा दिया और ट्रैक्टर का पिछला चक्का जवान मुकेश कुमार के शरीर पर चढ़ गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों ने पकड़ा ट्रैक्टर, चालक फरार
- घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए ट्रैक्टर को पकड़ लिया। हालांकि ट्रैक्टर चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने घायल जवान को तत्काल सड़क से उठाकर इलाज के लिए सासाराम सदर अस्पताल पहुंचाया।
- डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जवान की हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि जवान की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
ट्रैफिक डीएसपी ने दिया कार्रवाई का भरोसा
- घटना की सूचना मिलते ही ट्रैफिक डीएसपी अमरकांत अस्पताल पहुंचे और घायल जवान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस की पहली प्राथमिकता जवान की जान बचाना है।
- डीएसपी ने बताया कि फरार ट्रैक्टर चालक की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
बालू माफियाओं के बढ़ते मनोबल पर उठे सवाल
- इस घटना के बाद एक बार फिर बिहार में अवैध बालू कारोबार और बालू माफियाओं के बढ़ते प्रभाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बालू माफिया लगातार कानून को चुनौती दे रहे हैं और प्रशासनिक कार्रवाई का उन पर कोई खास असर नहीं दिख रहा।
- लोगों का आरोप है कि अवैध बालू खनन और परिवहन का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि अब पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं। इससे पहले भी बिहार के कई जिलों में बालू माफियाओं द्वारा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
दिनदहाड़े ट्रैफिक पुलिस जवान को कुचलने की इस घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों का कहना है कि अगर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस ट्रैक्टर मालिक और फरार चालक की तलाश में छापेमारी कर रही है। वहीं इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
