
तेज प्रताप यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे, हाल के महीनों में अपनी राजनीतिक गतिविधियों और बयानों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उनके द्वारा नई पार्टी बनाने और चुनाव लड़ने की योजनाओं को लेकर कई तरह की अटकलें और खबरें सामने आई हैं। इस लेख में हम इन सवालों का विस्तृत जवाब देंगे कि क्या तेज प्रताप ने नई पार्टी बनाई है और वे 2025 में कहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं।क्या तेज प्रताप यादव ने नई पार्टी बनाई है?तेज प्रताप यादव ने “टीम तेज प्रताप यादव” नाम से एक नया मंच बनाया है, जिसे लेकर यह चर्चा जोरों पर थी कि क्या यह एक नई राजनीतिक पार्टी है। हालांकि, तेज प्रताप ने स्पष्ट किया है कि “टीम तेज प्रताप यादव” कोई नई राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि यह एक खुला मंच है, जिसका उद्देश्य युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करना और शिक्षा, रोजगार, और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर काम करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा: 27 जुलाई 2025 को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेज प्रताप ने “टीम तेज प्रताप” के गठन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह मंच सभी के लिए खुला है, जिसमें उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मंच युवा नेतृत्व को बढ़ावा देगा और बिहार में बदलाव लाने के लिए काम करेगा।

सोशल मीडिया पर सक्रियता: तेज प्रताप ने “टीम तेज प्रताप” नाम से एक नया फेसबुक पेज बनाया, जिसमें आरजेडी का नाम और चुनाव चिह्न (लालटेन) शामिल नहीं है। इस कदम को उनकी स्वतंत्र सियासी पहचान बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
नई पार्टी की अफवाहें: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि तेज प्रताप नई पार्टी बना सकते हैं। उदाहरण के लिए, 18 जुलाई 2025 को कई न्यूज चैनलों और X पोस्ट्स में यह खबर थी कि वे शाम 5 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, तेज प्रताप ने 13 जून 2025 को अपने आधिकारिक X हैंडल से एक पोस्ट में इन अफवाहों का खंडन किया और कहा कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें और वे आरजेडी के साथ ही रहेंगे।
पार्टी से निष्कासन का प्रभाव: मार्च 2025 में लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को अनुशासनहीनता और पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ आचरण (विशेष रूप से अनुष्का यादव के साथ रिश्ते की सार्वजनिक घोषणा) के कारण 6 साल के लिए आरजेडी और परिवार से निष्कासित कर दिया था। इस निष्कासन के बाद तेज प्रताप ने अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश शुरू की, जिससे नई पार्टी की अटकलें और तेज हुईं। लेकिन, उनकी ओर से स्पष्ट रूप से नई पार्टी बनाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
निष्कर्ष : तेज प्रताप यादव ने अभी तक कोई नई राजनीतिक पार्टी नहीं बनाई है, लेकिन उन्होंने “टीम तेज प्रताप यादव” नाम से एक मंच बनाया है, जिसे वे अपनी सियासी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। वे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में महुआ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। महुआ के प्रति उनका गहरा लगाव और वहां की जनता के बीच उनकी पकड़ इस सीट को एक रोचक मुकाबले का केंद्र बना सकती है। हालांकि, उनकी यह रणनीति आरजेडी और लालू परिवार के लिए चुनौतियां पैदा कर सकती है। तेज प्रताप की आगे की सियासी राह और बिहार की सियासत में उनका प्रभाव 2025 के चुनाव में स्पष्ट होगा।
तेज प्रताप यादव 2025 में कहां से लड़ना चाहते हैं चुनाव? : तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि वे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
महुआ से गहरा नाता: तेज प्रताप ने 2015 में महुआ सीट से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और वहां से विधायक चुने गए थे। उन्होंने बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
2020 में आरजेडी ने उनका टिकट काटकर मुकेश रौशन को महुआ से उम्मीदवार बनाया, जिसके बाद तेज प्रताप ने हसनपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
तेज प्रताप ने महुआ के प्रति अपने भावनात्मक लगाव का जिक्र किया है और कहा कि “महुआ मेरी कर्मभूमि है“। उन्होंने दावा किया कि अगर आरजेडी ने किसी और को टिकट दिया, तो जनता उसे हरवा देगी।
हाल ही में उन्होंने महुआ में मेडिकल कॉलेज के निर्माण को अपनी उपलब्धि बताया और कहा कि वे इसे जिला बनाने के लिए काम करेंगे।
निर्दलीय उम्मीदवारी की घोषणा: तेज प्रताप ने कई मौकों पर कहा कि अगर आरजेडी उन्हें टिकट नहीं देती, तो वे महुआ से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
उन्होंने 26 जुलाई 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम महुआ से चुनाव लड़ेंगे, विरोधी बहुत हैं, उन्हें खुजली होने लगी है।”
उनके समर्थकों का दावा है कि महुआ की जनता उनके साथ है और अगर आरजेडी किसी और को टिकट देती है, तो वे तेज प्रताप को जिताएंगे।
हसनपुर से संभावना?: कुछ मौकों पर तेज प्रताप ने कहा कि वे अभी यह तय नहीं कर पाए हैं कि महुआ या हसनपुर से चुनाव लड़ेंगे, क्योंकि जनता जहां से बुलाएगी, वे वहां जाएंगे। हालांकि, उनकी हाल की गतिविधियां और बयान महुआ पर ज्यादा केंद्रित हैं।
तेज प्रताप की सियासी रणनीति और प्रभावआरजेडी के लिए चुनौती:
तेज प्रताप का निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला आरजेडी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है, खासकर महुआ सीट पर, जहां उनका पहले से प्रभाव है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके निर्दलीय उम्मीदवारी से आरजेडी के वोट बंट सकते हैं, जिसका फायदा विपक्षी दलों, जैसे जेडीयू और बीजेपी, को मिल सकता है।
तेजस्वी यादव के साथ तनाव:
तेज प्रताप और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के बीच तनाव की खबरें भी सामने आई हैं। तेज प्रताप ने तेजस्वी को सीएम के रूप में देखने की इच्छा जाहिर की, लेकिन साथ ही पार्टी में “जयचंदों” (गद्दारों) की मौजूदगी का जिक्र किया, जो तेजस्वी को सीएम बनने से रोक सकते हैं। तेजस्वी ने तेज प्रताप की नई पार्टी की चर्चा पर तंज कसते हुए कहा, “कितनी पार्टी बनती रहती है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।”
