
पटना:
बिहार विधानसभा के हालिया सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। अपराध, कानून-व्यवस्था और सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी ने सदन में ऐसा सवाल दागा कि कुछ देर के लिए सत्ता पक्ष के नेताओं के पास कोई जवाब नहीं बचा।
सदन की कार्यवाही उस वक्त गरमा गई जब तेजस्वी यादव ने सरकार द्वारा पेश किए गए अपराध के आंकड़ों को पढ़ते हुए सीधा सवाल पूछा—
“अगर बिहार में कानून का राज है, तो फिर रोज़ हत्या, लूट और बलात्कार की खबरें क्यों आ रही हैं?”
यह सवाल सुनते ही विधानसभा में सन्नाटा छा गया।
‘कानून का राज या गनतंत्र?’ — तेजस्वी का तीखा हमला
तेजस्वी यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा,
“आप लोग कहते हैं कि बिहार में कानून का राज है, लेकिन हकीकत ये है कि आपने लोकतंत्र को गनतंत्र बना दिया है। अपराधी बेखौफ हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।”
उन्होंने दावा किया कि बिहार में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण मिल रहा है। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ कागज़ों में अपराध कम होने का दावा कर रही है, जबकि ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।
सरकारी आंकड़ों पर भी उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने सदन में सरकार द्वारा पेश किए गए अपराध के आंकड़ों को “भ्रामक” बताते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज न होने और मामलों को दबाने से अपराध कम नहीं हो जाते।
उन्होंने कहा,
“अगर थानों में रिपोर्ट ही नहीं लिखी जाएगी, तो आंकड़े अपने-आप कम हो जाएंगे। लेकिन इससे अपराध पीड़ितों का दर्द तो खत्म नहीं होगा।”
सत्ता पक्ष की सफाई, लेकिन जवाब अधूरा
तेजस्वी के सवालों के बाद सत्ता पक्ष के नेताओं ने सफाई देने की कोशिश की। सरकार की ओर से कहा गया कि अपराध पर नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई हो रही है और पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है।
लेकिन विपक्ष का आरोप था कि सरकार सिर्फ बयानबाज़ी कर रही है, ठोस कार्रवाई ज़मीन पर दिखाई नहीं दे रही।
विधानसभा में हंगामा और तीखी नोक-झोंक
तेजस्वी के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक भी देखने को मिली। कई बार अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बावजूद तेजस्वी ने अपनी बात मजबूती से रखते हुए कहा कि वे बिहार की जनता की आवाज़ उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“जब तक बिहार की जनता सुरक्षित नहीं होगी, तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे।”
राजनीतिक गलियारों में हलचल
तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। विपक्ष इसे सरकार की विफलता का प्रमाण बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष तेजस्वी पर राजनीति करने का आरोप लगा रहा है।
सोशल मीडिया पर भी तेजस्वी यादव का यह सवाल तेजी से वायरल हो रहा है और लोग पूछ रहे हैं—
“आख़िर बिहार में कानून का राज है या सिर्फ दावा?”
निष्कर्ष
तेजस्वी यादव ने एक बार फिर विधानसभा में सरकार को असहज कर दिया है। उनके सवालों ने न सिर्फ सदन में माहौल गरमाया, बल्कि बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस भी छेड़ दी है। अब देखना होगा कि सरकार इन सवालों का जवाब सिर्फ शब्दों में देती है या ज़मीनी स्तर पर कुछ ठोस कदम भी उठाती है।
