
Bihar Librarian Vacancy: बिहार में पिछले 18 वर्षों से लंबित लाइब्रेरियन बहाली की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। बुधवार को बड़ी संख्या में लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों और छात्र नेताओं ने पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर सरकार से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के पहुंचते ही अभ्यर्थियों ने उनका घेराव किया और वर्षों से लंबित बहाली प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने की मांग उठाई।
- प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई और अभ्यर्थियों ने कहा कि वे लगभग दो दशक से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय से कोई नई नियुक्ति नहीं होने के कारण हजारों योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर जल्द सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया, जिससे अभ्यर्थियों में एक बार फिर उम्मीद जगी है।
18 साल से लंबित है लाइब्रेरियन बहाली
बिहार में सरकारी विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में लाइब्रेरियन के हजारों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले 18 वर्षों से नियमित बहाली नहीं होने के कारण पुस्तकालय व्यवस्था प्रभावित हुई है और हजारों प्रशिक्षित उम्मीदवार नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।
- इसी मांग को लेकर बुधवार को छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि कई बार सरकारों ने आश्वासन दिया, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान, जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
- प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद महत्वपूर्ण घोषणा की।
उन्होंने कहा कि लाइब्रेरियन बहाली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और शिक्षा विभाग को आवश्यक प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
- मंत्री ने बताया कि विभाग के अधिकारियों को पूरे बिहार में रिक्त लाइब्रेरियन पदों का विस्तृत ब्योरा तैयार करने और नई भर्ती नियमावली बनाकर सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया है। नियमावली तैयार होने के बाद बहाली प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
नई नियमावली के आधार पर होगी भर्ती
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार केवल नई नियुक्तियां ही नहीं करेगी, बल्कि वर्तमान में कार्यरत लाइब्रेरियन की ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े मामलों का भी समाधान किया जाएगा।
- उनके अनुसार नई नियमावली तैयार होने के बाद भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी तरह की प्रशासनिक या कानूनी बाधा न आए।
‘मुर्दाबाद नहीं, जिंदाबाद के लगे नारे’
प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे नहीं लगाए गए, बल्कि उनके समर्थकों द्वारा ‘जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए।
- उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री पद संभाले उन्हें अभी लगभग डेढ़ महीना ही हुआ है और इस कम समय में विभाग की प्राथमिकताओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लंबित मामलों के समाधान के लिए गंभीर है।
छात्र नेताओं ने दिया एक महीने का अल्टीमेटम
- प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता विकेश्वर ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने एक महीने के भीतर लाइब्रेरियन बहाली से संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दिलाने और भर्ती की अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी कराने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो राज्यभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
- छात्र नेताओं का कहना है कि वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है और अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है।
हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार के फैसले पर
लाइब्रेरियन बहाली बिहार के उन भर्ती मामलों में शामिल है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है। हजारों प्रशिक्षित अभ्यर्थी वर्षों से भर्ती विज्ञापन जारी होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
- शिक्षा मंत्री के ताजा बयान के बाद अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है कि जल्द ही रिक्त पदों का आकलन पूरा होगा और सरकार कैबिनेट से नई नियमावली को मंजूरी दिलाकर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी।
क्या 18 साल का इंतजार अब होगा खत्म?
फिलहाल शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। यदि विभाग तय समय के भीतर नियमावली तैयार कर कैबिनेट की मंजूरी हासिल कर लेता है, तो करीब 18 वर्षों से लंबित लाइब्रेरियन बहाली का रास्ता साफ हो सकता है।
अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जल्द जारी होगा। वहीं छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय में प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो पूरे बिहार में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
