
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) में बड़े बदलावों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से 22 सितंबर 2025 से लागू नई जीएसटी दरों को लेकर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी (BJP ) ने जोरदार समर्थन किया है। उन्होंने इसे “गरीब-किसान-अम जनता के हित में ऐतिहासिक कदम” बताया, जबकि विपक्ष (CONGRESS , RJD ) ने इसे “चुनावी जुमला” और “लूट महोत्सव” करार दिया। आइए, इस बहस की पूरी जानकारी लें..
GST परिषद की 56वीं बैठक और बदलाव का विवरण: 3 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की बैठक हुई। इसमें 375 से ज्यादा आइटम्स पर टैक्स स्लैब में बदलाव किए गए। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी (जो मंत्री समूह के चेयरमैन भी हैं) ने बिहार के सुझावों को शामिल करवाया।
मुख्य बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू :
श्रेणी/वस्तु पुरानी दर (%) नई दर (%) प्रभावित क्षेत्र
रोटी, तेल, नमकीन, दूध बोतलें 5-12 0-5 खाद्य पदार्थ, गरीबों को राहत
किताबें, कॉपियां, शिक्षा सामग्री 12 5 शिक्षा क्षेत्र, छात्रों को लाभ
बीमा (स्वास्थ्य/जीवन) 18 0 स्वास्थ्य क्षेत्र, आम जनता
ट्रैक्टर, मशीनरी, हैंडपंप 18-28 5-12 कृषि और उद्योग, किसान-व्यापारी
इलेक्ट्रॉनिक सामान, रेजर 18 12 उपभोक्ता वस्तुएं, दैनिक जरूरतें
नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण 12-18 5 पर्यावरण और स्टार्टअप
परिवहन, खेल सामग्री, लकड़ी उत्पाद 18 5-12 सेवा क्षेत्र, युवा-खिलाड़ी
5% और 18% स्लैब को तर्कसंगत बनाया गया। सभी राज्यों की सहमति से फैसला। PM मोदी ने इसे “GST बचत उत्सव” का नाम दिया, जो 22 सितंबर से शुरू हुआ।
4 सितंबर 2025 (प्रेस कॉन्फ्रेंस): “मोदी सरकार ने क्रांतिकारी सुधार किया। व्यापारी वर्ग, स्टार्टअप युवा और आम लोगों में खुशी की लहर। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स ने PM को धन्यवाद दिया, जिसमें मैंने भाग लिया।” उन्होंने लालू प्रसाद यादव पर तंज कसा, “अगर लालू को अर्थव्यवस्था की समझ होती, तो बिहार की यह स्थिति न होती। अब वो भी वित्तीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं – गर्व की बात.
सम्राट चौधरी के बयान: 3 सितंबर 2025 (बैठक के बाद): सम्राट चौधरी ने कहा, “यह सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है। बिहार के सुझावों को मान लिया गया, जो गर्व की बात है। बेसिक जरूरतों पर कम टैक्स से गरीबों, किसानों और आम जनता को लाभ। जब देश की अर्थव्यवस्था बूम करेगी, बिहार सबसे आगे रहेगा।” उन्होंने 8 घंटे की बैठक में सभी राज्यों की बात सुनी जाने का जिक्र किया।
19 सितंबर 2025 बिहार चैंबर में PM को GST सुधार के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, “बिहार ने अहम भूमिका निभाई। रोटी-कपड़ा सस्ता होगा, बीमा शून्य टैक्स।”
22 सितंबर 2025 पटना में रियलिटी चेक : GST उत्सव आज से शुरू। हम दुकानदारों से मिलेंगे, रेट कट की जानकारी देंगे और सही रेट पर सामान मिलने की जांच करेंगे। बहनों को नीतीश-मोदी का तोहफा मिला। लालू-तेजस्वी को तो बस जलन हो रही है।” उन्होंने बाजार जाकर खरीदारी की और उपभोक्ताओं से फीडबैक लिया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया:
बहस का दूसरा पहलू कांग्रेस: भूपेश बघेल ने कहा, “यह बिहार चुनाव से प्रेरित ‘गब्बर सिंह टैक्स’ का जुमला है। PM ने ‘एक राष्ट्र एक कर’ का वादा किया, लेकिन पांच स्लैब बने रहे। बिहार का अपमान!” केरल कांग्रेस के एक पोस्ट (बिहार को ‘बीड़ी’ से तुलना) पर चौधरी ने पलटवार किया, “कांग्रेस का असली चरित्र: पहले PM की मां का अपमान, अब बिहार का।
आरजेडी ( Tejashwi yadav ): “लूट महोत्सव! गरीबों को फायदा नहीं, व्यापारियों को राहत। चुनावी ड्रामा।” चौधरी ने जवाब दिया, “विपक्ष जल रहा है, क्योंकि NDA विकास कर रहा।”
केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी: कांग्रेस के संदेह पर, “यह चुनावी नहीं, आर्थिक सुधार है। सभी राज्यों की सहमति।”
सम्राट चौधरी ने GST बदलाव को बिहार के लिए “विकास का इंजन” बताया, जो NDA की चुनावी रणनीति का हिस्सा है। विपक्ष इसे सतही बता रहा। कुल मिलाकर, यह बहस बिहार चुनाव का बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
