
पूर्व रेल मंत्री Lalu Prasad Yadav और उनके परिवार से जुड़े चर्चित IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब 9 जून को बड़ा फैसला आने वाला है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत ने फैसला टालते हुए अगली तारीख 9 जून तय कर दी।
- इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi, बिहार के नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav समेत कई अन्य आरोपी भी जांच के दायरे में हैं। मामले की अगली सुनवाई और अदालत के फैसले पर अब राजनीतिक और कानूनी दोनों हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
क्या है पूरा IRCTC घोटाला मामला?
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि IRCTC के दो होटलों के संचालन का ठेका देने में अनियमितताएं की गईं और इसके बदले कथित तौर पर जमीन हासिल की गई।
- जांच एजेंसियों का दावा है कि इस प्रक्रिया में सत्ता का दुरुपयोग किया गया और कथित रूप से लाभ पहुंचाने के बदले संपत्ति ली गई। इसी मामले को लेकर पहले CBI ने भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया था, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ED ने दाखिल की चार्जशीट
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में लालू यादव परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी का कहना है कि उसके पास पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य और वित्तीय रिकॉर्ड मौजूद हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को मजबूत करते हैं।
- ED के मुताबिक जांच के दौरान कई वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे कथित अनियमितताओं की पुष्टि होती है। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
6 मई को भी सुरक्षित रखा गया था फैसला
इस मामले में इससे पहले 6 मई को सुनवाई हुई थी। उस समय भी अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब शुक्रवार को फिर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि मामले में फैसला 9 जून को सुनाया जाएगा।
- कोर्ट आरोप तय करने की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर चुकी है। ऐसे में अब यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है कि अदालत आरोपियों के खिलाफ आगे ट्रायल की प्रक्रिया को किस दिशा में ले जाती है।
दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा लालू परिवार
सूत्रों के अनुसार लालू यादव परिवार ने निचली अदालत के अक्टूबर 2025 के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे।
- परिवार की ओर से दायर याचिका में आरोपों को चुनौती देते हुए राहत की मांग की गई है। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में इस याचिका का विरोध किया है।
CBI ने कहा, पर्याप्त सबूत मौजूद
- CBI ने अदालत में कहा है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं, जो आरोपों को मजबूत करते हैं। एजेंसी का कहना है कि मामले में पर्याप्त आधार मौजूद हैं और आरोप तय करने का फैसला सही है।
- CBI और ED दोनों एजेंसियां लगातार अदालत में यह दलील दे रही हैं कि मामले में वित्तीय अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
- IRCTC घोटाला मामला लंबे समय से बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। अब 9 जून को आने वाले फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
विपक्ष जहां इस मामले को भ्रष्टाचार से जोड़कर लगातार हमला बोलता रहा है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इसे राजनीतिक साजिश करार देता रहा है। ऐसे में अदालत का अगला फैसला राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
9 जून पर टिकी सबकी नजर
अब सभी की निगाहें 9 जून पर टिकी हैं, जब राउज एवेन्यू कोर्ट इस चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपना फैसला सुनाएगी। अदालत का यह फैसला न केवल कानूनी रूप से अहम होगा, बल्कि बिहार की राजनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है।
