
भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा दहेज मृत्यु मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश कर दी है। मामले में मृतका के परिजनों ने लगातार निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी और आरोप लगाया था कि प्रभावशाली लोगों के कारण जांच प्रभावित हो सकती है। अब राज्य सरकार के इस फैसले के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
परिजनों ने लगाए थे साक्ष्य छिपाने के आरोप
- ट्विशा शर्मा के परिवार का आरोप है कि मामले में कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को दबाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई। परिजनों का कहना है कि ट्विशा के ससुराल पक्ष में एक पूर्व जिला जज शामिल हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच संभव नहीं हो पा रही थी।
- परिवार लगातार मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग कर रहा था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने जारी की अधिसूचना
- राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में इस मामले को लेकर अपराध क्रमांक 133/2026 दर्ज किया गया था।
- मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं।
- सरकार ने अधिसूचना में कहा है कि मामले की गंभीरता और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जांच CBI को सौंपने का निर्णय लिया गया है।
CBI को दी गई विशेष जांच की अनुमति
- मध्य प्रदेश सरकार ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत CBI को इस मामले की जांच करने के लिए राज्यभर में अधिकार और क्षेत्राधिकार देने की सहमति प्रदान की है।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि CBI केवल मौत की परिस्थितियों की ही नहीं, बल्कि मामले से जुड़े कथित षड्यंत्र, दुष्प्रेरण और अन्य संभावित अपराधों की भी जांच करेगी।
हाईकोर्ट पहुंचे ट्विशा के परिजन
- मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब ट्विशा शर्मा के परिजन दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गए।
- परिजनों के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि भोपाल के एम्स में किए गए पहले पोस्टमार्टम में कई गंभीर खामियां हैं। उन्होंने दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अहम पहलुओं का सही तरीके से उल्लेख नहीं किया गया, जिसके कारण परिवार को रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है।
- इसी आधार पर परिवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
निचली अदालत ने खारिज कर दी थी याचिका
- इससे पहले भोपाल की एक अदालत ने ट्विशा के परिजनों की दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। अदालत के फैसले के बाद परिवार ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
- परिजनों का कहना है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र और वैज्ञानिक तरीके से दोबारा पोस्टमार्टम जरूरी है।
पति और सास के खिलाफ दर्ज है केस
- पुलिस ने मामले में ट्विशा शर्मा के पति Samarth Singh और उनकी सास Giribala Singh के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
- दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं।
मामले पर पूरे देश की नजर
ट्विशा शर्मा मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। सोशल मीडिया पर भी लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि CBI जांच में क्या खुलासे होते हैं और क्या ट्विशा शर्मा के परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।
