
सारण के सोनपुर मेले में लगे थिएटरों की चकाचौंध के पीछे छिपे एक गंदे सच का खुलासा दैनिक भास्कर की टीम ने किया है। ‘ऑपरेशन सोनपुर’ के तहत की गई स्टिंग में सामने आया कि एशिया के सबसे बड़े पशु मेले के नाम पर चल रहे इन थिएटरों में नाबालिग लड़कियों से जबरन अश्लील डांस कराया जा रहा था। उन्हें कपड़े उतरवाकर भीड़ के सामने नचाया जाता था और विरोध करने पर टॉर्चर किया जाता था।
NGO मिशन मुक्ति फाउंडेशन की संस्तुति पर सारण पुलिस ने जब छापा मारा तो न्यू गुलाब विकास और गुलाब विकास थिएटर से पांच नाबालिग बच्चियों को रेस्क्यू किया गया। इनमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बंगाल, मध्य प्रदेश और नेपाल की लड़कियां शामिल हैं।
नाबालिगों की दर्दनाक आपबीती
राजस्थान की 17 वर्षीय रुबी (बदला हुआ नाम) ने बताया — “पीरियड में भी थी, लेकिन डांस के लिए मजबूर किया गया। कपड़े उतरवाकर शरीर दिखाने को कहा जाता था। विरोध करने पर टॉर्चर करते थे। इसके बदले सिर्फ एक हजार रुपए दिए जाते थे।”
गोरखपुर की दो बहनें बोलीं — “वेटर का काम बताकर लाया गया था, लेकिन थिएटर में छोटे कपड़े पहनाकर गंदे गानों पर भीड़ के सामने नचवाया जाने लगा। दर्शक कपड़ों के अंदर हाथ डाल देते थे। विरोध करने पर पिटाई होती थी।”
नेपाल की लड़की ने कहा — “लेडीज वेटर का काम बताकर लाया गया। बाद में थिएटर में अश्लील गानों पर नचाया गया। भीड़ गंदी हरकतें करती थी। पुलिस की रेड पड़ी तो लगा नया जीवन मिल गया।”
बंगाल की लड़की ने बताया — “मालिक कहता था स्टेज पर कपड़े हटा कर प्राइवेट पार्ट दिखाओ। शर्म आती थी, लेकिन मना करने पर टॉर्चर करते थे। भीड़ बढ़ाने के लिए ऐसी हरकतों को मजबूर किया जाता था।”
राजस्थान की दूसरी नाबालिग बोली — “मां-बाप नहीं थे। एक दीदी ने कहा कि बिहार में वेटर का काम मिलेगा, लेकिन थिएटर में फंसा दिया गया। डांस के बीच कपड़े उतरवाते थे। विरोध पर मारपीट करते थे।”
थिएटरों में खुलेआम अश्लीलता, प्रशासन मौन था
इन्वेस्टिगेशन टीम ने एजेंट्स से बातचीत में खुलासा किया कि कैसे थिएटर की आड़ में सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था। एजेंट खुलेआम बताते थे कि बैक डोर और साइड डोर से कस्टमर की एंट्री होती है और लड़कियों को स्टेज से पसंद कराया जाता है।
रेस्क्यू हुई लड़कियों ने बताया कि थिएटर मालिक और एजेंट दोनों मिलकर उन्हें अश्लील गानों पर कम कपड़ों में नाचने के लिए मजबूर करते थे। विरोध करने पर बिजली के तार से मारना, खाना न देना और बंद कमरे में रखना आम सजा थी।
पुलिस एक्शन और छापेमारी
एसपी कुमार आशीष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में गुलाब विकास और न्यू गुलाब विकास थिएटर पर रेड की गई। पहली रेड में दो नाबालिग और दूसरी में तीन नाबालिग बरामद हुईं। सभी को जिला महिला सुरक्षा इकाई में संरक्षण दिया गया है।
हालांकि, सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस ने एफआईआर में थिएटर मालिकों के नाम शामिल नहीं किए। यह भी पाया गया कि थिएटर लगाने की अनुमति स्थानीय प्रशासन ही देता है, फिर भी जिम्मेदारी तय करने से बचा जा रहा है।
एसपी का कहना है कि ‘‘धंधे में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान
बिहार राज्य महिला आयोग ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा, “दैनिक भास्कर की रिपोर्ट देखकर स्तब्ध हूं। आयोग 1 दिसंबर को स्थल निरीक्षण करेगा और रेस्क्यू की गई लड़कियों से बातचीत करेगा।
NGO की बड़ी भूमिका
मिशन मुक्ति फाउंडेशन के प्रमुख वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि “यह केवल बिहार का नहीं, पूरे उत्तर भारत का मानव तस्करी का नेटवर्क है। सोनपुर में थिएटर की आड़ में बच्चियों से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। हमारी प्राथमिकता इन पीड़ित बच्चियों का पुनर्वास और काउंसलिंग है।
पर्दे के पीछे बड़ा रैकेट
इन्वेस्टिगेशन में यह भी सामने आया है कि हर साल मेले के समय अलग-अलग राज्यों से एजेंट गरीब परिवारों की लड़कियों को काम का लालच देकर लाते हैं। स्टेज, ड्रेस और गानों के बहाने उन्हें सेक्स रैकेट में धकेल दिया जाता है।
मेले में रोजाना हजारों की भीड़ जुटती है और थिएटर के टिकट से मोटी कमाई होती है। लड़कियों को मात्र 500 से 1000 रुपए देकर रातभर गंदे गानों और इशारों पर नचाया जाता है।
