
नई दिल्ली/पटना: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर देशभर में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। पिछले करीब 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष के अधिकांश नेता इस मुद्दे पर खुलकर बयान देने से बच रहे हैं।
- इसी बीच बिहार बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार संवेदनशील है और यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति अधिक गंभीर होती है तो सरकार आवश्यक पहल करेगी।
सोनम वांगचुक क्यों कर रहे हैं अनशन?
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनके आंदोलन को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है और विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्रों तथा आम लोगों का समर्थन भी उन्हें मिल रहा है। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही है और डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनकी निगरानी कर रही है।
- उनकी बिगड़ती तबीयत को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक लगातार बहस जारी है।
बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने उठाए सवाल
शुक्रवार (17 जुलाई, 2026) को एबीपी न्यूज़ से बातचीत के दौरान बिहार बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने सोनम वांगचुक के आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस मुद्दे को लेकर वह अनशन कर रहे हैं, वह अब समाप्त हो चुका है।
- उन्होंने कहा कि जिस विषय को लेकर आंदोलन किया जा रहा था, उस पर अब कोई विवाद नहीं बचा है और संबंधित परीक्षा का परिणाम भी जारी हो चुका है। ऐसे में अब अनशन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।
प्रभाकर मिश्रा ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक का आंदोलन अब राजनीतिक स्वरूप ले चुका है।
- “नरेंद्र मोदी की सरकार युवाओं के हित में काम करती है”
- बीजेपी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का बचाव करते हुए कहा कि केंद्र सरकार हमेशा युवाओं के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध रही है।
- उन्होंने कहा कि देश की जनता जानती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार जनकल्याण के लिए काम करती है और युवाओं की प्रतिभा के साथ कभी अन्याय नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम समय पर घोषित होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है।
- इसी आधार पर उन्होंने सोनम वांगचुक से अपील की कि अब उन्हें अपना अनशन समाप्त कर देना चाहिए।
“स्थिति ज्यादा बिगड़ी तो सरकार करेगी पहल”
- जब प्रभाकर मिश्रा से पूछा गया कि सत्ता पक्ष का कोई वरिष्ठ नेता सोनम वांगचुक से मिलने या उन्हें मनाने क्यों नहीं पहुंचा, तो उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर अनशन किया जा रहा है, वह अब अप्रासंगिक हो चुका है।
- हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और किसी का अहित नहीं चाहती।
- उन्होंने कहा कि डॉक्टर लगातार सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य निगरानी कर रहे हैं और यदि उनकी स्थिति अधिक गंभीर होती है तो सरकार उचित कदम उठाएगी।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ रही चिंता
- लगातार भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों की टीम समय-समय पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है।
- देशभर के कई सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग भी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जता रहे हैं और उनसे अनशन समाप्त करने की अपील कर रहे हैं।
खेसारी लाल यादव ने भी की भावुक अपील
- इस बीच भोजपुरी फिल्म अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने भी सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की है।
- उन्होंने 16 जुलाई, 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा कि देश को सोनम वांगचुक के संघर्ष की भी जरूरत है और उनकी मौजूदगी की भी।
- खेसारी लाल यादव ने कहा कि किसी भी आंदोलन से बढ़कर एक व्यक्ति का जीवन होता है। उन्होंने सोनम वांगचुक से आग्रह किया कि वे अपनी जान जोखिम में न डालें और अपना अनशन समाप्त करें।
- उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि देश एक और ऐसा ईमानदार और समर्पित व्यक्ति नहीं खोना चाहता। इसलिए उनके स्वस्थ रहने और संघर्ष जारी रखने की जरूरत है।
देशभर में बनी हुई है नजर
सोनम वांगचुक का आंदोलन अब केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इस पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार से सीधे संवाद की मांग कर रहा है, जबकि दूसरी ओर बीजेपी नेताओं का कहना है कि सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाएगी।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सोनम वांगचुक अपना अनशन कब समाप्त करते हैं और केंद्र सरकार इस पूरे मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।
