
Bihar Gas Cylinder Crisis : बिहार में गैस सिलेंडर की स्थिति बहुत ही गंभीर होती जा रही है।
रोज़ाना 4.42 लाख से ज्यादा सिलेंडर की डिमांड है, लेकिन सप्लाई सिर्फ 3.72 लाख सिलेंडर ही हो पा रही है।
इसका मतलब ये है कि रोजाना करीब 70 हजार लोग अपने घरों में सिलेंडर नहीं ले जा पा रहे हैं और खाली हाथ लौट रहे हैं
- बिहार की बात करें, तो लगभग 15 लाख लोग वेटिंग में हैं।
- यानी इतने लोग अभी तक सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं।
- ये स्थिति तब है, जब शहरों में 42 और गांवों में सिर्फ 5 डिलीवरी यूनिट्स काम कर रही हैं।
- सप्लाई और डिमांड के बीच का फर्क बहुत बड़ा है, और इससे आम जनता परेशान है।गैस सिलेंडर की कमी का असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।
- रसोई गैस नहीं मिलने की वजह से घर में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्र दोनों ही इस समस्या से जूझ रहे हैं।रोजाना डिमांड: 4.42 लाख सिलेंडर
- रोजाना सप्लाई: 3.72 लाख सिलेंडर
रोज खाली हाथ लौट रहे लोग: 70 हजार से ज्यादा
वेटिंग में लोग: लगभग 15 लाख
ये आंकड़े साफ बताते हैं कि बिहार में गैस संकट अब एक बड़ी समस्या बन चुका है।सरकार और सप्लाई एजेंसियों को चाहिए कि वो जल्दी से जल्दी सिलेंडर की संख्या बढ़ाएं।
क्योंकि हर दिन इतने हजार लोग बिना सिलेंडर घर लौट रहे हैं,
और इसका सीधा असर उनके रोजमर्रा के जीवन पर पड़ रहा है।हम इस मुद्दे पर लगातार रिपोर्टिंग करते रहेंगे और बताएंगे कि कब तक आम लोगों को राहत मिलती है।
