
अमेरिका और चीन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में चीन दौरे से लौटे अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बाद अब अमेरिका में ऐसा विधेयक पेश किया गया है, जिससे चीन और खासकर राष्ट्रपति Xi Jinping की सरकार नाराज हो सकती है।
- अमेरिकी संसद में पेश किए गए नए विधेयक का उद्देश्य चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और सैन्य तंत्र से जुड़ी कंपनियों पर तेजी से प्रतिबंध लगाना है। इस कदम को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति और चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या है ‘CCP Sanctions Shot Clock Act’?
- अमेरिका में दो वरिष्ठ रिपब्लिकन नेताओं, सीनेटर Rick Scott और प्रतिनिधि Elise Stefanik ने ‘CCP Sanctions Shot Clock Act’ नाम का विधेयक पेश किया है।
- इस कानून के तहत अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को उन चीनी कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करनी होगी, जिन्हें अमेरिकी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानती है।
- विधेयक में प्रस्ताव रखा गया है कि किसी चीनी संस्था या व्यक्ति की पहचान सुरक्षा खतरे के रूप में होने के बाद अधिकतम एक साल के भीतर उसे प्रतिबंधित सूची में शामिल करना अनिवार्य होगा।
चीन की सैन्य कंपनियां रहेंगी निशाने पर
- यह विधेयक खासतौर पर चीन के सैन्य-औद्योगिक नेटवर्क और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) से जुड़ी कंपनियों को टारगेट करता है। अमेरिकी सांसदों का आरोप है कि कई चीनी कंपनियां सीधे या परोक्ष रूप से चीन की सैन्य ताकत बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
- प्रस्तावित कानून के अनुसार, इन कंपनियों को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की “नॉन-एसडीएन चीनी सैन्य-औद्योगिक कॉम्प्लेक्स कंपनियों” की सूची में शामिल किया जाएगा। इस सूची में आने के बाद अमेरिकी निवेश, व्यापार और वित्तीय गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
मौजूदा व्यवस्था में क्या बदलाव होगा?
- फिलहाल अमेरिकी कानून के तहत राष्ट्रपति को हर दो साल में एक रिपोर्ट पेश करनी होती है, जिसमें उन चीनी कंपनियों और व्यक्तियों की पहचान की जाती है जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं।
- लेकिन मौजूदा नियमों में ट्रेजरी विभाग के लिए कार्रवाई की कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं है। नए विधेयक का मकसद इसी व्यवस्था को बदलना है।
- अगर यह कानून पारित होता है, तो सरकार को निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई करनी होगी और संबंधित संस्थाओं को प्रतिबंधित सूची में डालना अनिवार्य होगा।
“कम्युनिस्ट चीन हमारा दुश्मन”
- सीनेटर रिक स्कॉट ने इस विधेयक को पेश करते हुए चीन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो संस्थाएं चीन के सैन्य हितों के लिए काम कर रही हैं, उन्हें अमेरिका में कारोबार करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
- उन्होंने कहा,
- “कम्युनिस्ट चीन हमारा दुश्मन है और अब अमेरिका को उसी के अनुरूप कार्रवाई करनी होगी।”
- स्कॉट ने यह भी कहा कि जब किसी संस्था की पहचान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में हो जाती है, तो उसके खिलाफ प्रतिबंध लगाने में देरी नहीं होनी चाहिए।
अमेरिका की आर्थिक निर्भरता कम करने की तैयारी
- प्रतिनिधि एलिस स्टेफानिक ने कहा कि यह विधेयक रिपब्लिकन पार्टी के उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चीन पर अमेरिका की आर्थिक निर्भरता को कम करना है।
- उनके मुताबिक अमेरिका अब उन चीनी कंपनियों पर ज्यादा सख्ती करना चाहता है, जिनका संबंध चीन के सैन्य विस्तार या रणनीतिक गतिविधियों से है।
- स्टेफानिक ने कहा कि कांग्रेस पहले ही प्रशासन से ऐसी कंपनियों की रिपोर्ट मांग चुकी है और अब यह नया कानून सुनिश्चित करेगा कि उन पर तेजी से प्रतिबंध लगाए जाएं।
ट्रंप-शी मुलाकात के बाद नया तनाव
- यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप चीन दौरे से लौटे हैं और दोनों देशों के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने की चर्चा चल रही थी।
- लेकिन अमेरिका में इस नए विधेयक के पेश होने के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि वॉशिंगटन चीन के खिलाफ अपनी रणनीतिक सख्ती कम करने के मूड में नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह कानून पारित हो जाता है, तो अमेरिका-चीन व्यापार और तकनीकी संबंधों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे आर्थिक और भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ सकते हैं।
वैश्विक बाजार पर भी पड़ सकता है असर
- चीन और अमेरिका दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक बाजार, टेक्नोलॉजी सेक्टर और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर डाल सकता है।
विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, एआई, रक्षा तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नई पाबंदियों से कंपनियों की रणनीतियों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिकी संसद में यह विधेयक कितना आगे बढ़ता है और चीन इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
